बिहार

जदयू ने संगीता यादव को छह साल के लिए पार्टी से निकाला, पति हैं राजद के MLC प्रत्याशी

Kavita2
19 Sept 2026 5:01 PM IST
जदयू ने संगीता यादव को छह साल के लिए पार्टी से निकाला, पति हैं राजद के MLC प्रत्याशी
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सिवान। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने सिवान जिला परिषद की अध्यक्ष और पार्टी की प्रदेश सचिव संगीता यादव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। जदयू की ओर से जारी पत्र में उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर प्रदेश महासचिव सह मुख्यालय प्रभारी शंभू कुशवाहा ने 18 सितंबर को इससे संबंधित पत्र जारी किया।

संगीता यादव के खिलाफ यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब उनके पति और शिक्षक नेता प्रो. जयराम यादव को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है। जयराम यादव के राजद प्रत्याशी घोषित होने और उनके स्वागत में संगीता यादव के शामिल होने के बाद यह मामला राजनीतिक चर्चा में आया था।

प्राथमिक सदस्यता से किया गया मुक्त

जदयू की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि संगीता यादव को पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता के कारण प्राथमिक सदस्यता से मुक्त करते हुए छह वर्षों के लिए दल से निष्कासित किया गया है। पत्र पर प्रदेश महासचिव सह मुख्यालय प्रभारी शंभू कुशवाहा के हस्ताक्षर हैं।

हालांकि पार्टी के पत्र में संगीता यादव द्वारा अपने पति की आरती उतारने को सीधे निष्कासन का कारण नहीं बताया गया है। पत्र में कार्रवाई का आधार व्यापक रूप से ‘पार्टी विरोधी गतिविधियां’ बताया गया है। इसलिए आरती उतारने की घटना को निष्कासन का एकमात्र आधिकारिक कारण कहना उचित नहीं होगा।

पति को राजद ने बनाया है प्रत्याशी

संगीता यादव के पति प्रो. जयराम यादव शिक्षक नेता हैं। राजद ने उन्हें सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद चुनाव के लिए अधिकृत उम्मीदवार बनाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, राजद ने 11 सितंबर को उनके नाम की घोषणा की थी।

प्रत्याशी घोषित होने के बाद जयराम यादव जब सिवान पहुंचे तो उनके समर्थकों और शिक्षकों ने स्वागत किया। सिवान स्थित आवास पर उनकी पत्नी संगीता यादव ने आरती उतारकर उनका स्वागत किया था। इस घटनाक्रम की तस्वीरें और जानकारी सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में इसकी चर्चा तेज हो गई थी।

मामला इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि पत्नी जदयू में प्रदेश स्तर की पदाधिकारी थीं, जबकि पति को विपक्षी दल राजद ने विधान परिषद चुनाव में उम्मीदवार बनाया है।

जदयू भी उतार चुकी है अपना उम्मीदवार

सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जदयू ने ई. आनंद पुष्कर को अपना उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में जयराम यादव और आनंद पुष्कर अलग-अलग राजनीतिक दलों की ओर से चुनाव मैदान में हैं।

इस राजनीतिक परिस्थिति में संगीता यादव की भूमिका पर जदयू संगठन की नजर थी। उनके पति के राजद उम्मीदवार बनने के बाद उनका स्वागत करने की घटना सार्वजनिक हुई और कुछ दिनों बाद पार्टी ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर दी।

हालांकि पार्टी के आधिकारिक पत्र में यह विस्तार से नहीं बताया गया है कि संगीता यादव की कौन-कौन सी गतिविधियों को पार्टी विरोधी माना गया।

लंबे समय से जदयू से जुड़ी रही हैं संगीता

संगीता यादव लंबे समय से जदयू से जुड़ी रही हैं। वर्तमान में वह सिवान जिला परिषद की अध्यक्ष हैं और पार्टी में प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। 2022 में वह लगातार दूसरी बार सिवान जिला परिषद अध्यक्ष निर्वाचित हुई थीं। उस समय भी वह जदयू से जुड़ी हुई थीं।

हाल में 15 सितंबर को सिवान में आयोजित एक एनडीए कार्यक्रम में भी जिला परिषद अध्यक्ष के रूप में उनकी मौजूदगी दर्ज की गई थी।

अब पार्टी से छह साल के निष्कासन के बाद उनकी संगठनात्मक राजनीतिक भूमिका में बड़ा बदलाव आया है। हालांकि जिला परिषद अध्यक्ष का पद अलग निर्वाचित स्थानीय निकाय पद है; पार्टी से निष्कासन का उस पद पर क्या कानूनी प्रभाव होगा, यह संबंधित नियमों और किसी आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बढ़ी राजनीतिक गतिविधि

सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां पहले से तेज हैं। राजद प्रत्याशी घोषित होने के बाद प्रो. जयराम यादव लगातार शिक्षक समुदाय के बीच संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों की समस्याओं और अधिकारों को प्रमुख मुद्दा बनाने की बात कही है।

दूसरी ओर जदयू ने ई. आनंद पुष्कर को मैदान में उतारा है। ऐसे में सिवान जिला परिषद अध्यक्ष के पति का राजद प्रत्याशी होना और इसके कुछ दिनों बाद संगीता यादव का जदयू से निष्कासन इस चुनाव से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम का हिस्सा बन गया है।

आरती की तस्वीर के बाद बढ़ी थी चर्चा

जयराम यादव के सिवान पहुंचने पर पत्नी संगीता यादव ने पारिवारिक तौर पर आरती उतारकर उनका स्वागत किया था। यही तस्वीर बाद में राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों ने इस घटना को जदयू की कार्रवाई से जोड़कर देखा है।

लेकिन यहां यह अंतर महत्वपूर्ण है कि मीडिया रिपोर्टों में आरती वाली घटना को कार्रवाई की पृष्ठभूमि के रूप में बताया गया है, जबकि जदयू के निष्कासन पत्र में कार्रवाई की वजह केवल ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ में संलिप्तता बताई गई है।

अब संगीता यादव की प्रतिक्रिया पर नजर

जदयू की कार्रवाई के बाद सिवान की स्थानीय राजनीति में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एक तरफ प्रो. जयराम यादव राजद प्रत्याशी के रूप में सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी तैयारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी पत्नी संगीता यादव को जदयू ने छह वर्षों के लिए बाहर कर दिया है।

फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में निष्कासन को लेकर संगीता यादव की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह देखना बाकी है कि वह पार्टी के फैसले पर क्या रुख अपनाती हैं और आगे उनकी राजनीतिक भूमिका किस रूप में सामने आती है।

जदयू का आधिकारिक पत्र फिलहाल कार्रवाई का आधार पार्टी विरोधी गतिविधियों को बताता है। इसलिए इस मामले में पति के राजद प्रत्याशी बनने और उनके स्वागत की घटना को राजनीतिक पृष्ठभूमि के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन इसे अकेले निष्कासन का आधिकारिक कारण मानने से पहले पार्टी के पत्र की भाषा को ध्यान में रखना जरूरी है।

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